MP E-Krishi Yantra Anudan Yojana 2026 : Get Up to 50% Subsidy on Agricultural Machinery – Application Process, DD Amount & Lottery Details
MP E-Krishi Yantra Anudan Yojana 2026 मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर सब्सिडी पाने का अवसर है। MP ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना 2026 के तहत फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर, बूम टाइप स्प्रेयर, रीपर, रिजर और प्लांटर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों के लिए आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
दी गई जानकारी के अनुसार, आवेदन की तारीख 3 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित थी, जबकि चयन के लिए लॉटरी 14 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित थी। किसानों को आवेदन के साथ संबंधित कृषि यंत्र के लिए निर्धारित धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट (DD) भी जमा करना जरूरी है।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को कृषि यंत्र की निर्धारित लागत पर 40% से 50% तक अनुदान मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक सब्सिडी किसान की श्रेणी, भूमि जोत और संबंधित कृषि यंत्र के लिए लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
महत्वपूर्ण अपडेट: आज 14 अक्टूबर 2026 है। इसलिए बताई गई आवेदन अवधि समाप्त हो चुकी है और लॉटरी की तारीख आज निर्धारित थी। आवेदन या लॉटरी की वर्तमान स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम सूचना जरूर देखें।
MP ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना 2026 क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार का ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकारी अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया संचालित करता है। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण अपनाने में सहायता देना, खेती में श्रम और समय की बचत करना तथा कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर निर्धारित नियमों के अनुसार अनुदान दिया जाता है।
योजना की प्रमुख जानकारी:
- राज्य: मध्य प्रदेश
- योजना: ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना
- संबंधित योजना: सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM), जहां लागू हो
- अधिकतम बताई गई सब्सिडी: 50% तक
- आवेदन पोर्टल: https://farmer.mpdage.org/
- आवेदन अवधि: 3 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026, दी गई जानकारी के अनुसार
- लॉटरी की निर्धारित तारीख: 14 अक्टूबर 2026
किन कृषि यंत्रों के लिए आवेदन मांगे गए थे?
दी गई जानकारी के अनुसार, सात प्रकार के कृषि यंत्रों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्रत्येक यंत्र के लिए अलग-अलग धरोहर राशि निर्धारित थी।
| क्रमांक | कृषि यंत्र का नाम | निर्धारित धरोहर राशि (DD) |
|---|---|---|
| 1 | फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर | ₹5,500 |
| 2 | स्वचालित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर — बूम टाइप | ₹15,000 |
| 3 | रीपर — स्वचालित | ₹2,300 |
| 4 | रीपर — ट्रैक्टर चालित | ₹2,300 |
| 5 | शुगरकेन रेटून मैनेजर | ₹5,000 |
| 6 | रिजर | ₹2,500 |
| 7 | ब्रॉड बेड फरो — प्लांटर | ₹3,000 |
ध्यान दें: ऊपर दी गई राशि आवेदन के लिए निर्धारित धरोहर राशि है, न कि कृषि यंत्र पर मिलने वाली सब्सिडी। DD की राशि, भुगतान का तरीका और अन्य शर्तें संबंधित यंत्र तथा विभाग के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार जांचें।
धरोहर राशि का DD किसके नाम बनवाना होगा?
आवेदन के साथ निर्धारित धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना जरूरी बताया गया है।
दी गई जानकारी के अनुसार, DD किसान के स्वयं के बैंक खाते से संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम बनवाना होगा।
DD बनवाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- अपने जिले के संबंधित अधिकारी का सही पदनाम और नाम जांचें।
- संबंधित कृषि यंत्र के लिए निर्धारित DD राशि की पुष्टि करें।
- DD बनवाने से पहले विभाग के आधिकारिक निर्देश पढ़ें।
- DD की स्कैन प्रति निर्धारित प्रारूप में तैयार रखें।
- आवेदन के साथ DD से संबंधित सभी आवश्यक विवरण सही भरें।
निर्धारित धरोहर राशि जमा नहीं करने या दस्तावेजों में त्रुटि होने पर आवेदन प्रभावित हो सकता है।
कृषि यंत्रों पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत अनुदान की दर किसान की श्रेणी, भूमि जोत और संबंधित कृषि यंत्र पर निर्भर करती है।
दी गई जानकारी के अनुसार, अनुदान की दरें इस प्रकार हैं:
| किसान की श्रेणी | बताई गई अधिकतम अनुदान दर |
|---|---|
| लघु एवं सीमांत किसान | 50% तक |
| महिला किसान | 50% तक |
| अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसान | 50% तक |
| अन्य सामान्य वर्ग के किसान | 40% तक |
ये दरें दी गई जानकारी पर आधारित हैं। वास्तविक अनुदान की गणना संबंधित यंत्र की निर्धारित लागत, लागू अनुदान सीमा और किसान की पात्रता के अनुसार होगी।
सब्सिडी की राशि कैसे पता करें?
किसान संबंधित कृषि यंत्र और अपनी श्रेणी के अनुसार अनुदान की जानकारी प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर या संबंधित विभागीय जानकारी का उपयोग कर सकते हैं।
सिर्फ 50% सब्सिडी की दर देखकर यह न मानें कि हर कृषि यंत्र पर उसकी बाजार कीमत का आधा हिस्सा मिलेगा। अंतिम सहायता योजना की निर्धारित लागत और अधिकतम अनुदान सीमा पर निर्भर कर सकती है।
एग्री-स्टैक फार्मर ID क्यों जरूरी है?
इस आवेदन प्रक्रिया में Agri-Stack Farmer ID को अनिवार्य बताया गया है। इस पहचान के माध्यम से किसान की जानकारी और भूमि से संबंधित विवरण को डिजिटल रूप से जोड़ने में सहायता मिलती है।
जिन किसानों के पास फार्मर ID नहीं है, उन्हें आवेदन से पहले इसकी उपलब्धता और पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।
किसान निम्न माध्यमों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
- ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल
- आधिकारिक एग्री-स्टैक पोर्टल
- MP Online केंद्र
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- संबंधित ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय
फार्मर ID, आधार और भूमि संबंधी रिकॉर्ड में विवरण का मिलान सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि सत्यापन के समय समस्या न आए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
- एग्री-स्टैक फार्मर ID
- आधार कार्ड की प्रति
- बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति
- भूमि की बी-1 (B-1) की प्रति
- अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्रों के लिए ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन कार्ड
- निर्धारित धरोहर राशि के DD की स्कैन प्रति
दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित कृषि यंत्र और आवेदन के समय लागू आधिकारिक निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
MP ई-कृषि यंत्र पोर्टल पर आवेदन कैसे करें?
किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर उपलब्ध विकल्पों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। नीचे दी गई प्रक्रिया सामान्य जानकारी के लिए है।
चरण 1: आधिकारिक पोर्टल https://farmer.mpdage.org/ खोलें।
चरण 2: यदि आप पहले से पंजीकृत हैं, तो पोर्टल पर उपलब्ध लॉगिन प्रक्रिया का उपयोग करें।
चरण 3: नए आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण कराना होगा। दी गई जानकारी के अनुसार, इसके लिए MP Online या CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की आवश्यकता हो सकती है।
चरण 4: उपलब्ध कृषि यंत्रों की सूची में से संबंधित यंत्र का चयन करें।
चरण 5: किसान की जानकारी, भूमि का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियां भरें।
चरण 6: संबंधित दस्तावेज और निर्धारित DD की स्कैन प्रति अपलोड करें।
चरण 7: आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की जांच करें और उपलब्ध होने पर पावती या आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
महत्वपूर्ण: बताए गए आवेदन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर 2026 थी। यदि पोर्टल पर आवेदन का विकल्प बंद है, तो नए आवेदन की संभावना या अगली आवेदन अवधि के लिए विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।
14 अक्टूबर को लॉटरी से होगा चयन?
दी गई जानकारी के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया के बाद चयन के लिए लॉटरी की तारीख 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई थी।
किसानों को यह समझना जरूरी है कि आवेदन करने मात्र से सब्सिडी की मंजूरी नहीं मिलती। चयन, दस्तावेज सत्यापन, प्रशासनिक स्वीकृति और आगे की खरीद प्रक्रिया संबंधित नियमों के अनुसार पूरी होती है।
लॉटरी की स्थिति, चयन सूची और आगे की कार्रवाई जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम अपडेट देखें। यदि चयन सूची उपलब्ध न हो, तो संबंधित जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
किसानों के लिए जरूरी सावधानियां
- आवेदन करने से पहले अपने कृषि यंत्र की पात्रता जांचें।
- DD की राशि और अधिकारी का सही पदनाम आधिकारिक सूची से मिलाएं।
- आधार, फार्मर ID, बैंक खाते और भूमि के दस्तावेजों में विवरण सही रखें।
- ट्रैक्टर चालित यंत्र के लिए आवश्यक ट्रैक्टर संबंधी दस्तावेज तैयार रखें।
- अनुदान की वास्तविक राशि पोर्टल पर उपलब्ध विवरण से जांचें।
- किसी एजेंट के कहने पर चयन या सब्सिडी की गारंटी न मानें।
- आवेदन अवधि समाप्त होने के बाद नई तारीख या अगली सूची के लिए विभागीय सूचना देखें।
निष्कर्ष
MP ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना 2026 किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण अपनाने में आर्थिक सहायता देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। दी गई जानकारी के अनुसार, पात्र किसानों को कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान मिल सकता है और आवेदन के लिए निर्धारित धरोहर राशि का DD जमा करना जरूरी था।
चूंकि बताई गई आवेदन अवधि 13 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो चुकी है, इसलिए किसानों को आवेदन करने या चयन की स्थिति जानने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम सूचना अवश्य देखनी चाहिए।
मध्य प्रदेश में कृषि यंत्रों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
दी गई जानकारी के अनुसार, पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के तहत 40% से 50% तक अनुदान मिल सकता है। वास्तविक राशि कृषि यंत्र और किसान की पात्रता पर निर्भर करती है।
किन कृषि यंत्रों के लिए आवेदन मांगे गए थे?
फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर, बूम टाइप स्प्रेयर, स्वचालित रीपर, ट्रैक्टर चालित रीपर, शुगरकेन रेटून मैनेजर, रिजर और ब्रॉड बेड फरो प्लांटर के लिए आवेदन मांगे गए थे।
क्या DD जमा करना जरूरी है?
दी गई आवेदन संबंधी जानकारी के अनुसार, निर्धारित धरोहर राशि का DD जमा करना जरूरी था। वर्तमान आवेदन अवधि और DD संबंधी नियमों की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल से करें।
Agri-Stack Farmer ID क्यों जरूरी है?
फार्मर ID का उपयोग किसान की पहचान और भूमि संबंधी जानकारी के डिजिटल सत्यापन में किया जाता है। आवेदन से पहले इसकी उपलब्धता और जरूरी विवरण जांचें।
आवेदन की अंतिम तारीख क्या थी?
दी गई जानकारी के अनुसार, आवेदन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर 2026 थी और लॉटरी 14 अक्टूबर 2026 को निर्धारित थी। नवीनतम स्थिति आधिकारिक पोर्टल से जांचें।
आवेदन और लॉटरी की जानकारी कहां मिलेगी?
किसान मध्य प्रदेश के ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल https://farmer.mpdage.org/ पर उपलब्ध जानकारी देख सकते हैं या अपने जिले के कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।



