बिहार नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27: किसानों को 75% अनुदान पर मिलेगा नारियल का पौधा |Bihar Coconut Plant Subsidy 2026

Join Us
WhatsApp WhatsApp Channel
Join Now
Telegram Telegram Group
Join Now
Instagram Instagram Profile
Join Now

Bihar Coconut Plant Subsidy 2026 :- बिहार के किसानों और बागवानी में रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की ओर से नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार जैसे नारियल के अपरंपरागत क्षेत्र में नारियल की खेती और पौधरोपण को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत इच्छुक किसानों और अन्य लाभार्थियों को 75 प्रतिशत सहायता अनुदान पर नारियल के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ केवल ग्रामीण किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग भी अपने घर के आसपास, बाड़ी, किचेन गार्डन या अपनी जमीन पर नारियल का पौधा लगाने के लिए इसका लाभ उठा सकते हैं।

Bihar Coconut Plant Subsidy 2026

Coconut Plant Online Application नारियल को दुनिया के सबसे उपयोगी पेड़ों में से एक माना जाता है। नारियल के पेड़ का लगभग हर हिस्सा किसी न किसी रूप में मानव जीवन के काम आता है। नारियल का फल खाने-पीने से लेकर धार्मिक कार्यों तक उपयोग किया जाता है, जबकि नारियल का पानी स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा नारियल की जटा, पत्तियां, लकड़ी और अन्य हिस्सों का भी अलग-अलग कार्यों में इस्तेमाल होता है। ऐसे में बिहार में नारियल के पौधरोपण को बढ़ावा देने की यह योजना किसानों और आम लोगों के लिए भविष्य में अतिरिक्त आय और हरियाली दोनों का अवसर बन सकती है।

अगर आप भी बिहार नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 के तहत नारियल का पौधा लेना चाहते हैं, तो इस लेख को अंत तक पढ़ें। यहां आपको योजना का उद्देश्य, पौधे की कीमत, मिलने वाला अनुदान, कितने पौधे मिलेंगे, कौन आवेदन कर सकता है, जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी आसान भाषा में बताई गई है।

नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 क्या है?

नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 बिहार सरकार की एक नई योजना है, जिसके माध्यम से राज्य में नारियल के पौधरोपण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। बिहार में नारियल की खेती अभी उतनी व्यापक नहीं है, जितनी देश के कुछ अन्य राज्यों में देखने को मिलती है। ऐसे में राज्य के अलग-अलग जिलों में नारियल के पौधे लगाने को प्रोत्साहित करके सरकार नारियल उत्पादन के क्षेत्र को विकसित करना चाहती है।

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नारियल के पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना में पौधे की निर्धारित इकाई लागत 115 रुपये प्रति पौधा रखी गई है। इसमें पौधे का उत्पादन व्यय 100 रुपये और जिला परिवहन व्यय 15 रुपये शामिल है। इस पूरी इकाई लागत पर सरकार की ओर से 75 प्रतिशत सहायता अनुदान दिया जाएगा।

75 प्रतिशत अनुदान की गणना के अनुसार प्रति पौधा 86.25 रुपये सहायता अनुदान देय होगा। इसका मतलब है कि लाभार्थी को निर्धारित शेष राशि अपने अंश के रूप में देनी होगी। इस प्रकार योजना के माध्यम से नारियल का पौधा सामान्य लागत की तुलना में काफी कम कीमत पर प्राप्त किया जा सकेगा।

Coconut Plant Subsidy Scheme 2026 योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

नारियल का पेड़ दुनिया के सबसे बहुउपयोगी पेड़ों में गिना जाता है। इसके फल, पानी, तेल, जटा, पत्तियां और लकड़ी सहित कई हिस्सों का अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग होता है। यही कारण है कि नारियल को कई जगहों पर “कल्पवृक्ष” भी कहा जाता है।

बिहार में नारियल के पौधरोपण को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का उद्देश्य राज्य में इसकी खेती और उत्पादन की संभावनाओं को विकसित करना है। यदि बड़ी संख्या में किसान और आम नागरिक नारियल के पौधे लगाते हैं, तो आने वाले वर्षों में राज्य में नारियल के पेड़ों की संख्या बढ़ सकती है।

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि लाभार्थी को केवल बड़े खेत में ही पौधा लगाने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के पास अपने घर के आसपास जमीन, बाड़ी या किचेन गार्डन है और वह वहां नारियल का पौधा लगाना चाहता है, तो वह भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकता है।

इससे यह योजना सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के इच्छुक लोगों के लिए उपयोगी बन जाती है।

Bihar Government Coconut Scheme नारियल पौधा कितने रुपये में मिलेगा?

नारियल पौधा वितरण योजना में पौधे की इकाई लागत 115 रुपये प्रति पौधा निर्धारित की गई है। इस लागत में पौधे का उत्पादन व्यय और जिला परिवहन व्यय शामिल है।

सरकार की ओर से इस इकाई लागत पर 75 प्रतिशत सहायता अनुदान दिया जाएगा। प्रति पौधा 115 रुपये की लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान की राशि 86.25 रुपये बनती है।

विवरणराशि
प्रति पौधा इकाई लागत₹115
उत्पादन व्यय₹100
जिला परिवहन व्यय₹15
सरकारी सहायता अनुदान₹86.25
अनुदान का प्रतिशत75%
लाभार्थी अंश₹28.75 प्रति पौधा

इसका सीधा मतलब यह है कि निर्धारित लागत के आधार पर लाभार्थी का अंश 28.75 रुपये प्रति पौधा होगा। हालांकि वास्तविक वितरण के समय विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और लाभार्थी अंश की प्राप्ति के अनुसार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

Coconut Plant Scheme for Farmers एक लाभार्थी को कितने नारियल के पौधे मिलेंगे?

योजना के तहत एक लाभार्थी को न्यूनतम 5 पौधे और अधिकतम 712 पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

योजना में प्रति हेक्टेयर 178 पौधे लगाने का प्रावधान बताया गया है। इसी आधार पर अधिकतम 4 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 712 पौधों तक की सीमा निर्धारित की गई है।

इसका अर्थ है कि यदि कोई लाभार्थी बड़े स्तर पर नारियल के पौधे लगाना चाहता है और उसके पास निर्धारित शर्तों के अनुसार उपयुक्त जमीन उपलब्ध है, तो वह अधिक संख्या में पौधों के लिए आवेदन कर सकता है।

छोटे स्तर पर पौधे लगाने वाले लोगों के लिए भी योजना में अवसर रखा गया है, क्योंकि न्यूनतम सीमा केवल 5 पौधों की है। यानी कोई व्यक्ति अपने घर के आसपास या बाड़ी में भी नारियल के पौधे लगाने के लिए योजना का लाभ ले सकता है।

बिहार के सभी 38 जिलों में लागू होगी योजना

नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे बिहार के सभी 38 जिलों में लागू किया जाएगा

इसका मतलब है कि राज्य के अलग-अलग जिलों के इच्छुक किसान और लाभार्थी योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। हालांकि प्रत्येक जिले में पौधों की उपलब्धता और लक्ष्य अलग-अलग हो सकता है।

जिलावार लक्षित पौधे नारियल विकास बोर्ड, बिहार, पटना के माध्यम से संबंधित जिले के सहायक निदेशक उद्यान को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद विभागीय नियमों के अनुसार लाभार्थियों को पौधों का वितरण किया जाएगा।

इसलिए आवेदन करने वाले लाभार्थियों को अपने जिले में योजना की उपलब्धता और वितरण की प्रक्रिया की जानकारी संबंधित सहायक निदेशक उद्यान कार्यालय से भी प्राप्त करनी चाहिए।

कौन-कौन लोग नारियल पौधा योजना का लाभ ले सकते हैं?

इस योजना का लाभ उन इच्छुक लोगों को दिया जाएगा, जो अपने घर के आसपास या अपनी जमीन पर नारियल का पौधा लगाना चाहते हैं।

योजना के तहत निम्न स्थानों पर नारियल का पौधा लगाया जा सकता है:

  • अपनी कृषि भूमि
  • घर के आसपास की जमीन
  • बाड़ी
  • किचेन गार्डन
  • खेत
  • अन्य उपयुक्त भूमि

इस योजना की खास बात यह है कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति भी इसका लाभ ले सकते हैं। यदि किसी शहरी व्यक्ति के पास ऐसी जमीन उपलब्ध है जहां नारियल का पौधा लगाया जा सकता है, तो वह भी योजना के तहत आवेदन कर सकता है।

हालांकि पौधा वितरण के लिए निर्धारित दस्तावेज और भूमि संबंधी शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

नारियल पौधा लेने के लिए जमीन का दस्तावेज जरूरी

योजना के तहत अनुदानित दर पर नारियल का पौधा प्राप्त करने के लिए एकरारनामा या जिस जमीन पर पौधा लगाया जाएगा, उस जमीन की राजस्व रसीद प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

यह शर्त इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि योजना के तहत उपलब्ध कराए गए पौधों को वास्तव में निर्धारित स्थान पर लगाया जाए।

आवेदन करने से पहले लाभार्थी को अपने जमीन से जुड़े दस्तावेजों को तैयार रखना चाहिए। इससे आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी होने की संभावना कम हो सकती है।

यदि जमीन के दस्तावेज में आवेदक का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, तो केवल राजस्व रसीद या भूमि स्वामित्व दस्तावेज पर्याप्त नहीं होगा।

अगर जमीन आपके नाम पर नहीं है तो क्या करें?

कई परिवारों में जमीन अभी भी पूर्वजों के नाम पर होती है या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम दर्ज होती है। ऐसी स्थिति में योजना के तहत आवेदन करते समय अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता हो सकती है।

योजना के अनुसार, यदि आवेदक का नाम भूमि-स्वामित्व दस्तावेज या राजस्व रसीद में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, तो भूमि स्वामित्व या राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगाना अनिवार्य होगा।

इसलिए जिन आवेदकों के नाम जमीन का रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें आवेदन करने से पहले अपनी वंशावली और संबंधित भूमि दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

यह दस्तावेजी प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि विभाग यह सत्यापित कर सके कि आवेदक को संबंधित जमीन पर पौधा लगाने का अधिकार है।

नारियल के पौधे कहां से मिलेंगे?

योजना के तहत नारियल पौधों की उपलब्धता नारियल विकास बोर्ड, पटना के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित जिले में पौधों का वितरण सहायक निदेशक उद्यान के माध्यम से किया जाएगा।

पौधों की उपलब्धता लाभार्थी से निर्धारित कृषक अंश प्राप्त होने के बाद सुनिश्चित की जाएगी। इसका अर्थ है कि लाभार्थी को योजना के नियमों के अनुसार अपना निर्धारित अंश जमा करना होगा, जिसके बाद पौधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इसलिए आवेदन करने वाले लोगों को केवल आवेदन करने के बाद पौधा मिलने की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने जिले के संबंधित उद्यान विभाग से वितरण की तारीख और प्रक्रिया की जानकारी भी लेते रहना चाहिए।

नारियल पौधा वितरण योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय विभाग द्वारा मांगे जाने वाले दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी रहेगा। योजना की दी गई जानकारी के अनुसार भूमि से जुड़े दस्तावेज विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

Documents required for coconut plant subsidy scheme in Bihar संभावित रूप से आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हो सकते हैं:

  1. आवेदक का आधार कार्ड।
  2. मोबाइल नंबर।
  3. बैंक खाते से संबंधित विवरण।
  4. भूमि की राजस्व रसीद।
  5. भूमि स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज।
  6. यदि नाम स्पष्ट नहीं है तो वंशावली।
  7. जहां पौधा लगाया जाएगा, उस भूमि का विवरण।
  8. एकरारनामा, जहां लागू हो।

आवेदक को ध्यान रखना चाहिए कि दस्तावेजों की वास्तविक आवश्यकता और ऑनलाइन आवेदन के दौरान मांगी जाने वाली जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है।

नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

लाभार्थी के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, इच्छुक लाभार्थी उद्यान विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (https://horticulture.bihar.gov.in/ ) पर जाकर आवेदन करना होगा।

ऑनलाइन आवेदन करते समय सबसे पहले लाभार्थी को अपना पंजीकरण और लॉगिन संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद योजना सूची में नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 का विकल्प चुनकर आवेदन फॉर्म भरना होगा।

आवेदन फॉर्म में आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, जिला, भूमि का विवरण और पौधों की संख्या जैसी जानकारी मांगी जा सकती है। आवेदन के दौरान जमीन से संबंधित दस्तावेजों को सही तरीके से अपलोड करना जरूरी होगा।

आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी को ध्यान से जांच लेना चाहिए। गलत जानकारी या गलत दस्तावेज अपलोड करने से आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

ऑनलाइन आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

ऑनलाइन आवेदन करते समय जल्दबाजी करने से बचें। खासकर जमीन से जुड़े दस्तावेजों में नाम, खाता, खेसरा और अन्य विवरण सही हैं या नहीं, यह जांच लेना जरूरी है।

यदि आवेदक के नाम पर जमीन नहीं है, तो योजना के नियमों के अनुसार वंशावली की आवश्यकता हो सकती है। आवेदन पूरा करने के बाद प्राप्त आवेदन संख्या या रसीद को सुरक्षित रखना भी समझदारी होगी।

Bihar Coconut Plant Subsidy योजना में आवेदन करने से पहले किन बातों को समझना जरूरी है?

किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने से पहले उसके नियमों को समझना बहुत जरूरी है। नारियल पौधा वितरण योजना में भी केवल आवेदन कर देना पर्याप्त नहीं है। लाभार्थी को पौधे लगाने के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध होनी चाहिए और योजना में मांगे गए दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

एक लाभार्थी को कम से कम 5 पौधे और अधिकतम 712 पौधे तक अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। हालांकि वास्तविक संख्या लाभार्थी की भूमि, योजना के लक्ष्य और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर कर सकती है।

यदि आप छोटे स्तर पर अपने घर के पास पौधे लगाना चाहते हैं, तो भी यह योजना आपके लिए उपयोगी हो सकती है। वहीं, जिन किसानों के पास पर्याप्त भूमि है, वे बड़े पैमाने पर नारियल के पौधरोपण की योजना बना सकते हैं।

Coconut Plant Subsidy Scheme 2026 किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है नारियल का पौधा?

नारियल का पेड़ एक बार अच्छी तरह स्थापित होने के बाद लंबे समय तक उपयोगी रहता है। इसके फल का उपयोग खाद्य पदार्थों, पेय पदार्थों, तेल और विभिन्न घरेलू तथा व्यावसायिक कार्यों में होता है।

किसानों के लिए यह एक दीर्घकालिक निवेश की तरह हो सकता है। हालांकि किसी भी फलदार या बहुवर्षीय पौधे की तरह नारियल के पौधे से आय प्राप्त करने में समय लग सकता है। इसलिए किसान को पौधरोपण से पहले मिट्टी, जलवायु, सिंचाई और स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखना चाहिए।

यदि पौधों की उचित देखभाल की जाए और सही कृषि तकनीक अपनाई जाए, तो भविष्य में नारियल उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक नया हिस्सा बन सकता है।

Coconut Plant Scheme for Farmers नारियल पौधा वितरण योजना से बिहार में क्या बदलाव आ सकता है?

बिहार में नारियल पौधरोपण को बढ़ावा देने से राज्य में बागवानी के क्षेत्र में विविधता आ सकती है। अभी किसान कई पारंपरिक फसलों पर निर्भर हैं। ऐसे में बहुवर्षीय पौधों को बढ़ावा देने से कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।

अगर योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है और किसानों को पौधों के साथ-साथ उचित तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता है, तो आने वाले वर्षों में नारियल के पेड़ों की संख्या बढ़ सकती है।

यह योजना केवल पौधा वितरण तक सीमित न रहकर यदि पौधों की देखभाल, सिंचाई, पोषण और उत्पादन से जुड़ी जानकारी भी किसानों तक पहुंचाती है, तो इसका प्रभाव और बेहतर हो सकता है।

आवेदन करने से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें

योजना से संबंधित नियम, आवेदन की अंतिम तिथि, ऑनलाइन आवेदन का लिंक, जिलेवार लक्ष्य और उपलब्ध पौधों की संख्या समय के साथ बदल सकती है। इसलिए लाभार्थियों को आवेदन करने से पहले अपने जिले के सहायक निदेशक उद्यान कार्यालय या संबंधित सरकारी पोर्टल से नवीनतम जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति को आवेदन के नाम पर पैसे देने से बचें। यदि आवेदन ऑनलाइन किया जा रहा है, तो आधिकारिक सरकारी पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष

नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 बिहार में नारियल के पौधरोपण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। योजना के तहत प्रति पौधा 115 रुपये की निर्धारित इकाई लागत पर 75 प्रतिशत सहायता अनुदान यानी 86.25 रुपये की सहायता का प्रावधान है। एक लाभार्थी को न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 पौधे तक अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है, जबकि यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की जाएगी।

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ केवल पारंपरिक किसानों तक सीमित नहीं रखा गया है। अपने घर के आसपास, बाड़ी, किचेन गार्डन या खेत में नारियल का पौधा लगाने के इच्छुक लोग भी इसका लाभ ले सकते हैं और शहरी क्षेत्र के व्यक्ति भी योजना के दायरे में शामिल हैं। हालांकि अनुदानित दर पर पौधा लेने के लिए जमीन से संबंधित दस्तावेज या एकरारनामा आवश्यक है और यदि भूमि रिकॉर्ड में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं है, तो वंशावली की जरूरत हो सकती है।

अगर आप भी बिहार में रहते हैं और नारियल के पौधे लगाने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है। आवेदन करने से पहले अपने जिले के संबंधित उद्यान विभाग से योजना की वर्तमान स्थिति, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज और पौधा वितरण की तारीख की जानकारी जरूर प्राप्त करें। सही जानकारी और उचित देखभाल के साथ आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में आपके घर और खेत की हरियाली के साथ-साथ भविष्य की आय का भी आधार बन सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 में कितना अनुदान मिलेगा?

योजना के अनुसार नारियल के एक पौधे की इकाई लागत 115 रुपये है। इस पर 75 प्रतिशत सहायता अनुदान यानी 86.25 रुपये प्रति पौधा देय होगा।

एक व्यक्ति को कितने नारियल के पौधे मिल सकते हैं?

एक लाभार्थी को न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। प्रति हेक्टेयर 178 पौधों के आधार पर यह सीमा निर्धारित की गई है।

क्या शहरी क्षेत्र के लोग भी योजना का लाभ ले सकते हैं?

हां। योजना की दी गई जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र के व्यक्ति भी अपने घर के आसपास या उपलब्ध उपयुक्त जमीन, बाड़ी या किचेन गार्डन में नारियल का पौधा लगाने के लिए इसका लाभ ले सकते हैं।

अगर जमीन मेरे नाम पर नहीं है तो क्या मैं आवेदन कर सकता हूं?

यदि आवेदक का नाम भूमि स्वामित्व या राजस्व रसीद में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, तो योजना के अनुसार भूमि दस्तावेज के साथ वंशावली लगाना अनिवार्य हो सकता है।

यह योजना बिहार के किन जिलों में लागू होगी?

नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 को बिहार के सभी 38 जिलों में क्रियान्वित किए जाने की जानकारी दी गई है। पौधों की उपलब्धता और वितरण संबंधित जिले के सहायक निदेशक उद्यान के माध्यम से किया जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top